Domain Name क्या है ? Full Information

Domain Name क्या है? 

क्या तुम भी जानना चाहते हैं कि Domain name kya hai जी हां दोस्तों आज हम आपको Domain name से संबंधित काफी सारी जानकारियां इस आर्टिकल के अंदर देने वाले हैं। यह जानकारी उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा आवश्यक है, जो अभी नए ब्लॉगर हैं और जिनको इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं है।

जी हां दोस्तों, यदि आप नए ब्लॉगर हैं और ब्लॉगिंग शुरू करने जा रहे हैं तो आपको डोमेन नेम की आवश्यकता पड़ती है और आप कैसा डोमेन नेम खरीदें यह आपको इस आर्टिकल के अंदर अच्छी तरह से बताया जाएगा। दोस्तों हम कुल मिलाकर यह कहना चाहते हैं कि यह आर्टिकल डोमेन नेम से संबंधित है और हम ऐसी कोशिश करेंगे कि डोमेन नेम से संबंधित सारी जानकारी को इस आर्टिकल के अंदर कवर करें ताकि इससे संबंधित लोगों का कोई भी प्रश्न बाकी ना रहे । तो चलिए दोस्तों शुरू करते हैं इस आर्टिकल को।

दोस्तों यदि आप ब्लॉगिंग करियर में कदम रखने जा रहे हो तो जाहिर सी बात है आपको डोमेन नेम के बारे में जानना बेहद जरूरी है। वैसे यह जानकारी उन सभी ब्लॉगर्स के लिए महत्वपूर्ण हैं जो अभी-अभी नए ब्लॉगर्स बने हैं क्योंकि स्टार्टिंग में उनको डोमेन नेम की संपूर्ण जानकारी नहीं होती है कि उन्हें कौन सा डोमेन नेम खरीदना चाहिए। इसलिए दोस्तों हम आपको बताएंगे कि आप के लिए सबसे अच्छे कौन से डोमेन नेम हो सकते हैं।

दोस्तों डोमेन नेम बोले तो हमारी होने वाली वेबसाइट का नाम होता है। वैसे तो सभी वेबसाइट टेक्निकली IP address पर ही चलती हैं मगर वेबसाइट को बड़ी सरलता से पहचानने के लिए डोमेन नेम चाहिए होता है। दोस्तों तुम्हें बता दूं कि कंप्यूटर प्रत्येक वेबसाइट को जोड़ करके ओपन करने के लिए IP address का इस्तेमाल करते हैं और यह संख्याओं की एक सीरीज ही होती है इसी का प्रयोग हम अलग-अलग डोमेन नेम एक्सटेंशन के लिए करते हैं जैसे कि .com, .in, .net, .org, .gov, .xyz etc दोस्तों जो भी तुम ब्लॉगिंग के लिए डोमेन नेम खरीदें तो आप इनमें से ही कोई डोमेन नेम चुनें। दोस्तों ऐसे अनेकों लोग हैं जिन्हें ब्लॉगिंग की जानकारी जरा सी भी नहीं है पर इतना अवश्य जानते हैं कि इसमें सबसे पहले वेबसाइट बनानी होती है और सबसे पहले बहुत सोच समझकर एक नाम purchase करना होता है।

परंतु उन्हें यह नहीं पता होता है कि डोमेन नेम क्या होता है और यह किस प्रकार से काम करता है परंतु आज इस आर्टिकल के अंदर इसकी संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं। तो इसलिए अब इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ें।

डोमेन नेम क्या है जानें बिल्कुल सरल शब्दों में –
दोस्तों डोमेन नेम को हम कह सकते हैं कि यह इंटरनेट में वेबसाइट कि पहचान कराता है। मित्रों Domain name एक इस प्रकार का सिस्टम होता है जो कि वेबसाइट का नामकरण करता है।

कोई भी वेबसाइट हो, उसे उसके नाम से ही जानते हैं और प्रत्येक वेबसाइट एक आईपी ऐड्रेस अर्थात इंटरनेशनल प्रोटोकाल ऐड्रेस से कनेक्ट होती है। क्या आप जानते हैं कि IP address कैसा होता है। मित्रों IP address संख्या के रूप में होता है। उदाहरण के लिए -. (132.117.131.124)

दोस्तों जब हम ब्राउज़र में किसी वेबसाइट को ओपन करते हैं तो इसके नाम से जुड़ा IP address ही ब्राउज़र को बताता है कि वह वेबसाइट का पता कहां पर है।

चलिए दोस्तों मैं तुम्हें एक उदाहरण से इसका फंडा (Damain Name System) समझाता हूं।

दोस्तों इस संसार में जिस प्रकार से मनुष्य अलग-अलग तरह के होते हैं और उनकी पहचान उनके नामों से हो जाती है कल्पना कीजिए कि यदि नाम ना हो तो क्या मुश्किल नहीं होता लोगों की पहचान कर पाना, तो दोस्तों इसी प्रकार से वेबसाइट भी अलग-अलग प्रकार के होते हैं और भिन्न-भिन्न टॉपिक के होते हैं उनकी भी पहचान उनके नाम से ही होती है जिसे हम डोमेन नेम कह सकते हैं।

इन्वर्स डोमेन क्या होता है ?

दोस्तों इसका प्रयोग किसी भी पते को नाम में मैप करने के लिए किया जाता है। दोस्तों यह तब हो सकता है जब सर्वर नहीं होता है एक साइलेंट से वर्क करने के लिए रिक्वेस्ट मिला हुआ। तो इस प्रकार की क्वेरी को हम इन्वर्स या फिर प्वाइंटर क्वेरी कहते हैं। दोस्तों तुम्हें बता दूं कि एक पॉइंटर एक क्वेरी को संभालने के लिए इन्वर्स डोमेन को प्रथम लेवल node के साथ नाम स्थान में जोड़ा जाता है।
द्वितीय स्तर एक अकेला नोड भी है जिसका नाम एड इनर है यह बाकी डोमैंस आईपी पते को डिफाइंड करता है।

डोमेन नेम सिस्टम किसे कहते हैं ?

दोस्तों “Domain Name System” DNS की फुल फॉर्म होती है। इसका जो प्रमुख कार्य होता है वह IP address में कन्वर्ट करना होता है जोकि बहुत सरल होता है।

दोस्तों तुम्हें बता दूं कि हम किसी वेबसाइट को उसके डोमेन नेम से ही खोल सकते हैं इसके लिए वेब ब्राउज़र में जाकर हमें डोमेन नाम, पते में जाकर डालना होता है।

बस यहीं से शुरू हो जाता है DNS का काम।

डोमेन नेम सिस्टम उस नाम को आईपी पते में कन्वर्ट कर देता है जो कि उसके सर्वर को पॉइंट करती हुई होती है अर्थात उसके सर्वर को छूती हुई होती है।

अब डोमेन नेम सिस्टम के कारण पॉइंटेड आई.पी. ऐड्रेस सर्वर से संपूर्ण डाटा लाती है और ब्राउज़र में वेबपेज के जरिए से हमें दिखा देती है।

दोस्तों हम किसी भी वेबसाइट के आईपी एड्रेस को याद करके नहीं रख सकते हैं मेरा कहने का मतलब है कि यदि हम किसी आईपी एड्रेस को याद कर लेंगे तो यह बहुत बड़ी बात होगी। आईपी ऐड्रेस याद ना करना पड़े इसी वजह से इसका नाम प्रयोग किया जाता है।

Domain Name कैसे कार्य करता है ?

दोस्तों जिस प्रकार से हम अपने स्मार्टफोन में या फिर किसी भी फोन में वीडियोस, फोटोज़, सोंग्स को स्टोर करने के लिए फोन की मेमोरी या फिर एसडी कार्ड या मेमोरी कार्ड का इस्तेमाल करते हैं ठीक उसी प्रकार इंटरनेट में जितनी भी वेबसाइट है मेरा मतलब कि गूगल पर जितनी भी वेबसाइट होती हैं वे सभी वेबसाइट सर्वर या होस्ट में स्टोर हुई होती हैं। और उनका नाम होस्टिंग सर्वर आईपी एड्रेस को पॉइंट करता हुआ होता है।

वह डोमेन नेम सिस्टम होस्ट सर्वर के आईपी ऐड्रेस को पॉइंट कर देता है और उस डोमेन नेम सिस्टम नाम से बनी वेबसाइट जिसे हम खोलते हैं या खोलना चाहते हैं उसके सारे संपूर्ण डाटा को सर्वर से लाकर हमें दिखाता है मेरा कहने का मतलब है कि हमारे सामने प्रस्तुत कर देता है। इसी वजह से हम किसी भी वेबसाइट को ब्राउज़र में आसानी से देख पाते हैं।

डोमेन नेम का इस्तेमाल आईपी ऐड्रेस के लिए क्यों किया जाता है?

दोस्तों अब तक आपको पता पड़ चुका होगा कि डोमेन नेम का इस्तेमाल ip-address के लिए किया जाता है, परंतु अब आप सोच रहे होंगे कि डोमेन नेम का प्रयोग ip-address के लिए क्यों किया जाता है, तो दोस्तों तुम्हें बता दूं कि यह DNS का इस्तेमाल ip-address के लिए किया जाता है, क्योंकि यह ip-address को रिप्रेजेंट करता है। एक या फिर उससे अधिक आई.पी.(इंटरनेट प्रोटोकॉल) को पहचान आने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।

मित्रों सभी Domain Name System किसी न किसी आईपी ऐड्रेस से कनेक्टेड होते हैं मेरा मतलब जुड़े हुए होते हैं। मुझे पता है तुम्हारा दिमाग बहुत तेज है और आप अब यह अवश्य सोच रहे होंगे कि आईपी एड्रेस के लिए नाम का इस्तेमाल क्यों किया जाता है। तो दोस्तों इसका बिल्कुल सटीक जवाब है ip-address को हम याद नहीं कर सकते हैं क्योंकि यह डिजिट नंबर होते हैं और वेबसाइट का नाम याद रखना बहुत सरल होता है, और इसे हम अपने टॉपिक के अनुसार चुनते हैं।

दोस्तों तुम्हें बता दूं कि जो भी वेबसाइट Niche को सही ढंग से एक्सप्लेन कर सकती है डोमेन नेम एक प्रकार से ip-address को ट्रांसलेट करता है जो नंबर्स को शब्दों में कन्वर्ट कर देता है। दोस्तों आईपी ऐड्रेस जोकिंग नंबर में होता है यह सरवर में स्टोर किए गए वेबसाइट्स के पत्ते को बताता है कि वह वेबसाइट कहां पर उपलब्ध है। तो इसी वजह से इसका इस्तेमाल किया जाता है।

डोमेन नेम कैसे चुनें ?

दोस्तों अनेकों लोगों की यही समस्या होती है कि वे सोचते हैं कि कोई अच्छा सा डोमेन नेम कैसे चुनें। तो आपको इसके लिए हम कुछ महत्वपूर्ण बातें बताने जा रहे हैं जिनको आप ध्यान से पढ़ें।

. दोस्तों जब आप डोमेन नेम चुनने के लिए जा रहे हैं तब आपका Domain Name System सदैव वेबसाइट के Niche के मुताबिक होना चाहिए।

. दोस्तों सदैव ऐसे नाम को चुनें जो बोलने में छोटा हो और दिखने में भी क्योंकि जब इस प्रकार का नाम आप चुनेंगे तो लोगों को उसे याद रखने में काफी सरलता होती है।

. सदैव एक बात ध्यान में रखने की तुम्हारी वेबसाइट का नाम दूसरों की वेबसाइट से बिल्कुल अलग मेरा कहने का मतलब है यूनिक होना चाहिए।

. दोस्तों जितना संभव हो सके कोशिश करें कि TLD ही purchase करें।

. हमेशा कोशिश करें कि आप अच्छे से अच्छा डोमेन नेम खरीदें जोकि अच्छी तरह से काम करें।

तो दोस्तों यह थी डोमेन नेम के बारे में जानकारी। मैंने इस जानकारी के अंदर कोशिश की है कि जितनी भी डोमेन से संबंधित जानकारी होती है वह सब दी है फिर भी मुझे थोड़ा सा लग रहा है कि डोमेन नेम से संबंधित कुछ जानकारियां ऐसी हैं जो मैंने आपको इस आर्टिकल के अंदर नहीं बताई है क्योंकि इससे यह आर्टिकल कुछ ज्यादा ही बड़ा हो जाएगा।

यदि तुम कमेंट बॉक्स में इसके बारे में अन्य जानकारी भी लेना चाहते हैं तो कमेंट करके हमें बता सकते हैं ‌। हम तुम्हें डोमेन नेम के बारे में अन्य जानकारी भी अवश्य देंगे। दोस्तों हम आशा करते हैं कि इतनी जानकारी आप अच्छी तरह से समझ चुके होंगे और आपको यह जानकारी पसंद भी आई होगी और हम यह चाहते हैं कि आप इस जानकारी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी शेयर करें। धन्यवाद! U

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